Friday, October 27, 2006

एक अर्से बाद

(re-discovered this brilliant site, where you type in hindi using english alphabets and the software does the conversion to hindi bit. there might be font issues, but couldn't restrain myslef from doing a hindi post :) )

मुझे
याद भी नही पिछली बार मैने कब अपने मन से हिंदी मे कुछ लिखा था. अब तो कभी कभी ऐसा लगता है की मैं हिंदी लिखना भूल ही गया. ये अजीब सी बात है की दसवीं कक्षा मे मैने अपनी हिंदी शिक्षिका से हिंदी पदहने की औचित्य पर एक लंबी सी बेहेस की थी और आज मैं एक महीने पुरानी अख़बार की ढेर मे आधे घंटे तक उस ख़बर को खोजता रहा जिसमे इस site का ज़िक्र था. ख़ैर वो विषय से ज़्यादा विषय को पढ़ाने वाले के लिए मेरी चिढ़ का नतीजा थी.

अभी मैं ज़्यादा कुछ लिख नही सकता क्योकि करने को बहुत कुछ बचा हुआ है . हमेशा की तरह अंतिम दिन ही सब कुछ करना है . लेकिन अब जब हिंदी मे लिखने का इतना आसान सा तरीक़ा मुझे पता चल चुका है , तो उम्मीद है आगे बहुत कुछ लिखता रहूँगा .

( इस उर्दू-हिंदी के मिश्रण के लिए क्षमा चाहूँगा, आजकल बहुत सोचने पर भी हिंदी के शब्द याद नही आते . और school मे कहाँ हम जयशंकर प्रसाद और महादेवी वर्मा के कठिन अलंकार पढ़ा करते थे..)

6 comments:

gee said...

:)
Did you study the CBSE course?

Nikhil said...

nahi ICSE, compulsory hindi till 10th :)

SHASHI SINGH said...

निखिल हिंदी के प्रति आपका उत्साह देखकर खुशी हुई. आज इंटरनेट पर हिंदी का काफी निस्तार हो चुका है. सिर्फ हिंदी ही नहीं देवनागरी फॉंट का इस्तेमाल करके नेपाली, मराठी और भोजपुरी की भी साइटें मजे से चल रहीं हैं.
जरा इनपर नज़र डालिये:-
http://www.bbchindi.com
http://www.littichokha.com

Nikhil said...

[shashi] maithili me bhi sites hain...but writing in english and getting it translated real time in hindi is what I was talking about :)

thanks for interest shown in my interest though, will do something about it surely :)

gee said...

Oh ok, we had compulsory second language...it could be Hindi/Sanskrit/German/French/Russian/Japanese etc(depending, of course, on the snob value of the school one went to:P)...I had Hindi, which could again, be a either a bit easier(Hindi B) or particularly tough (Hindi A)...it isn't complicated at all:P
So anyway, my point being I had Hindi A and hence, this was pleasant:)

Pratik said...

हिन्दी ब्लॉग जगत् में आपका हार्दिक स्वागत् है। उम्मीद है कि आप निरन्तर हिन्दी में लिखते रहेंगे और इंटरेनट पर‍ हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अपना अमूल्य योगदान देंगे।

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